झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन, हार्ट अटैक की आशंका; गिरिडीह में पसरा मातम
रांची/गिरिडीह। झारखंड की राजनीति को रविवार सुबह बड़ा झटका लगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता, गिरिडीह विधायक और राज्य सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया। वह 54 वर्ष के थे। शनिवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गिरिडीह के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। हालांकि, मौत के सटीक चिकित्सकीय कारण की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
शनिवार को भी कार्यक्रमों में रहे सक्रिय
सुदिव्य कुमार सोनू शनिवार को भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय थे। गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में उन्होंने हिस्सा लिया था और स्कूल में कंप्यूटर सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई, जिसके बाद परिवार के लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे।
कई महत्वपूर्ण विभागों की संभाल रहे थे जिम्मेदारी
सुदिव्य कुमार सोनू मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके पास नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति तथा खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे विभाग थे। सरकार में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती थी।
गिरिडीह विधानसभा सीट से वह झामुमो के विधायक थे। वर्ष 2019 में पहली बार विधानसभा पहुंचे और वर्ष 2024 में लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उन्हें हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं।
संगठन में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
सुदिव्य कुमार सोनू केवल सरकार में मंत्री के तौर पर ही नहीं, बल्कि झामुमो संगठन में भी सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते थे। पार्टी के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और राजनीतिक मुद्दों पर वह लगातार सक्रिय रहते थे। हाल के महीनों में भी वह गिरिडीह और राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लगातार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते रहे थे।
गिरिडीह में वह आम लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच लगातार सक्रिय रहने वाले नेताओं में शामिल थे। हाल के दिनों में उन्होंने विकास योजनाओं, शिक्षा, नगर विकास और स्थानीय समस्याओं से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में थे शामिल
सुदिव्य कुमार सोनू को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में गिना जाता था। सरकार और संगठन से जुड़े कई अहम मामलों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। उनकी अचानक हुई मौत ने झामुमो के साथ-साथ राज्य सरकार को भी बड़ा झटका दिया है।
झामुमो ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। पार्टी ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू के संघर्ष, सेवा और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
अचानक निधन से सदमे में गिरिडीह
मंत्री के निधन की खबर फैलते ही गिरिडीह में शोक की लहर दौड़ गई। उनके आवास और अस्पताल के आसपास समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी। किसी को भी विश्वास नहीं हो रहा था कि शनिवार तक सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे सुदिव्य कुमार सोनू अब उनके बीच नहीं हैं।
उनके निधन की खबर से झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी शोक का माहौल है। झामुमो कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए यह बेहद दुखद और अप्रत्याशित खबर है।
राजनीतिक सफर का अचानक हुआ अंत
सुदिव्य कुमार सोनू का राजनीतिक सफर संघर्ष और सक्रियता से भरा रहा। गिरिडीह की राजनीति में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। सरकार में मंत्री बनने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
उनका अचानक निधन ऐसे समय हुआ है जब वह सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर सक्रिय थे। यही वजह है कि उनके निधन को झारखंड की राजनीति में एक बड़ी क्षति के तौर पर देखा जा रहा है।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड ने एक सक्रिय जनप्रतिनिधि और झामुमो ने अपने महत्वपूर्ण नेताओं में से एक को खो दिया है। उनके निधन से परिवार, समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और पूरे गिरिडीह में गहरा शोक है।
