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कोयलांचल की राजधानी धनबाद को स्वच्छ बनाने की बड़ी पहल, NCAP के तहत मिले 143 करोड़ रुपये; पार्क, सड़क, ग्रीन पथ और इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

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SATYA PRAKASH/DHANBAD

धनबाद: कोयलांचल की राजधानी धनबाद में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ी पहल शुरू होने जा रही है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (National Clean Air Programme-NCAP) के तहत धनबाद नगर निगम को 143 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इस राशि में से 90 करोड़ रुपये की पहली किस्त नगर निगम को प्राप्त हो चुकी है। इस फंड का उद्देश्य शहर में वायु प्रदूषण को कम करना, हरित क्षेत्र का विस्तार करना और नागरिकों को बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

नगर निगम प्रशासन ने इस राशि के उपयोग की तैयारी तेज कर दी है। हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में इस फंड से संचालित होने वाली विभिन्न विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकांश प्रस्तावों को मंजूरी भी दे दी गई। अब इन योजनाओं को अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार की हाई लेवल मॉनिटरिंग कमेटी तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

धनबाद में प्रदूषण कम करना सबसे बड़ी प्राथमिकता

धनबाद देश के प्रमुख औद्योगिक और कोयला उत्पादन क्षेत्रों में शामिल है। यहां कोयला खनन, भारी वाहनों की आवाजाही, उद्योगों से निकलने वाला धुआं और उड़ती धूल के कारण वायु प्रदूषण लंबे समय से बड़ी चुनौती बना हुआ है। खासकर सर्दियों के मौसम में शहर की वायु गुणवत्ता चिंताजनक स्तर तक पहुंच जाती है।

इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत धनबाद को विशेष सहायता उपलब्ध कराई है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इस फंड का उपयोग केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऐसे प्रोजेक्ट पर खर्च किया जाएगा जो सीधे तौर पर वायु प्रदूषण कम करने में मददगार साबित हों।

इसके तहत शहर में धूल नियंत्रण, हरित क्षेत्र का विस्तार, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन, बेहतर सड़क निर्माण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

62 योजनाओं का सर्वे और डीपीआर तैयार

नगर निगम ने इस फंड के बेहतर उपयोग के लिए पहले से तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार 62 विकास योजनाओं का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। सभी योजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। अब प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नगर निगम का मानना है कि पहले से तैयार डीपीआर होने के कारण मंजूरी मिलते ही कार्य में देरी नहीं होगी और योजनाओं को जल्द धरातल पर उतारा जा सकेगा।

इन प्रमुख परियोजनाओं पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत मिलने वाली राशि से शहर में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जाएंगे। इनमें सबसे प्रमुख नए नगर निगम भवन के समीप लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक फ्रेंडली पार्क का निर्माण है। यह पार्क शहरवासियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा तथा हरित क्षेत्र को बढ़ाने में मदद करेगा।

इसके अलावा तिलाटांड़ मंदिर के पास लगभग 85 लाख रुपये की लागत से नई सड़क का निर्माण कराया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।

लाल बंगला क्षेत्र में ग्रीन पथ का निर्माण तथा विद्युत व्यवस्था का विकास किया जाएगा, ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण के साथ सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

शहीद बहादुर एवं भुली क्षेत्र में नए पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे शहर में हरित क्षेत्र बढ़ेगा और लोगों को मनोरंजन एवं स्वास्थ्य के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होंगे।

लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से सिद्धो-कान्हू कल्याण केंद्र का निर्माण किया जाएगा, जो सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।

इसके अलावा लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मिशन प्लांट विकसित किया जाएगा। वहीं बांगी पहाड़ क्षेत्र में इको फ्रेंडली पार्क का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

शहर में आधुनिक निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्हीकल स्कैनिंग मशीन भी स्थापित की जाएगी।

सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न वार्डों में पेवर ब्लॉक सड़कों का निर्माण है। इससे सड़क की धूल कम होगी, जलजमाव की समस्या घटेगी और शहर की सुंदरता में भी इजाफा होगा।

सार्वजनिक परिवहन और ई-वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

नगर निगम की योजना केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी विशेष कदम उठाए जाएंगे। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शहर में ई-वाहनों का उपयोग बढ़ता है तो प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी आएगी। यही कारण है कि इस योजना में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

स्वीकृति मिलते ही शुरू होगा निर्माण कार्य

नगर निगम प्रशासन के अनुसार बोर्ड बैठक में योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद अब इन्हें नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद राज्य स्तर पर हाई लेवल मॉनिटरिंग कमेटी और मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति से अंतिम स्वीकृति प्राप्त होगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि स्वीकृति मिलते ही विकास कार्यों की शुरुआत हो सके।

धनबाद को मिलेगी नई पहचान

नगर निगम का दावा है कि इन योजनाओं के पूरा होने के बाद धनबाद में वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। हरित क्षेत्र बढ़ेंगे, पार्क विकसित होंगे, सड़कें बेहतर बनेंगी, सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार होगा और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी।

कोयलांचल की राजधानी धनबाद, जो आज देश के सबसे प्रदूषित शहरों में गिनी जाती है, आने वाले वर्षों में स्वच्छ, हरित और आधुनिक शहर के रूप में नई पहचान बना सकती है। यदि सभी परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो इससे न केवल शहर की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार होगा बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर, स्वास्थ्य और शहरी सुविधाओं में भी उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा। नगर निगम को उम्मीद है कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से यह महत्वाकांक्षी योजना धनबाद के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

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