राजगंज में सीबीएसई क्लस्टर-3 कबड्डी प्रतियोगिता का भव्य समापन, तीन आयु वर्गों में विजेता टीमों ने लहराया परचम
SANJAY CHOURSIA/DHANBAD
राजगंज। बड्स गार्डेन स्कूल, राजगंज के आकर्षक खेल मैदान में आयोजित सीबीएसई क्लस्टर-3 कबड्डी प्रतियोगिता 2026 के फाइनल मुकाबलों का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे खिलाड़ियों ने शानदार खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। समापन समारोह में टुंडी विधायक सह झारखंड विधानसभा के सचेतक मथुरा प्रसाद महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समारोह में बाघमारा डीएसपी अजीत कुमार विमल, राजगंज थाना प्रभारी संजीव कुमार झा, तोपचांची प्रमुख एवं राजगंज जिला परिषद सदस्य बानी देवी, संस्कार ज्ञानपीठ हरना के निदेशक मुकेश राय, किड्स गार्डेन स्कूल धनबाद की प्राचार्या स्नेहलता सिन्हा, गुरुकुलम स्कूल धनबाद की प्राचार्या रितिका सिंह, जीएम पब्लिक स्कूल गोमो के प्राचार्य बादल मंडल, कबड्डी संघ के अध्यक्ष प्रदीप मंडल, सीबीएसई ऑब्जर्वर प्रवीण कुमार तथा धनबाद वॉलीबाल संघ के अध्यक्ष सूरज कुमार समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
मार्च पास्ट से हुआ समारोह का शुभारंभ
समापन समारोह की शुरुआत विद्यालय के बैंड ग्रुप और एनसीसी की छात्राओं द्वारा शानदार मार्च पास्ट के साथ हुई। एनसीसी की छात्राओं ने अतिथियों को सम्मानपूर्वक मंच तक पहुंचाया। विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। इसके बाद अतिथियों ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर उनका परिचय प्राप्त किया और उनका उत्साह बढ़ाया।
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों और झारखंड के लोकगीतों पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समारोह में चार चांद लगा दिए। स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य प्रमोद चौरसिया ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, अभिभावकों, निर्णायकों और प्रतियोगिता से जुड़े लोगों का स्वागत किया। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
मेहनत से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे खिलाड़ी : मथुरा महतो
मुख्य अतिथि विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बड्स गार्डेन स्कूल परिवार को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, टीम भावना और संघर्ष करने की क्षमता भी सिखाता है। खिलाड़ियों को निरंतर मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं तथा पदक जीत सकते हैं।
उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि हार और जीत खेल का हिस्सा है। महत्वपूर्ण यह है कि खिलाड़ी खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।
रोमांचक मुकाबलों के गवाह बने दर्शक
पूरी प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय परिसर में दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली। अभिभावकों, विद्यार्थियों और खेल प्रेमियों ने मैदान में मौजूद खिलाड़ियों का जोरदार उत्साहवर्धन किया। फाइनल मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों की हर शानदार रेड और डिफेंस पर दर्शकों की तालियों से पूरा परिसर गूंजता रहा।
सीबीएसई की ओर से नियुक्त ऑब्जर्वरों और निर्णायकों ने प्रतियोगिता को निष्पक्ष एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खिलाड़ियों ने पूरे अनुशासन और खेल भावना के साथ मुकाबलों में हिस्सा लिया।
तीन आयु वर्गों में इन टीमों ने जीता खिताब
19 वर्ष आयु वर्ग:
फाइनल मुकाबले में डीएवी पब्लिक स्कूल गांधीनगर, सीसीएल, रांची की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं फाउंडेशन अकादमी, बिहटा, पटना की टीम उपविजेता रही।
17 वर्ष आयु वर्ग:
इस वर्ग में राधाकृष्णा विद्या मंदिर, भागलपुर की टीम विजेता बनी। ज्ञान निकेतन, विट्ठल, दानापुर, पटना की टीम को उपविजेता का खिताब मिला।
14 वर्ष आयु वर्ग:
इस आयु वर्ग में सिटी पब्लिक स्कूल, गया की टीम ने विजेता का खिताब हासिल किया, जबकि ओपन माइंड स्कूल, दानापुर, पटना की टीम उपविजेता रही।

प्रतियोगिता को सफल बनाने में विद्यालय के चेयरमैन ए.के. पाल, संजय तिवारी, रुपेश चौरसिया, रविंद्र नाथ महतो, शिबू महतो, जितेंद्र रवानी, दिलीप सिंह, देवान सोरेन, संतोष सिंह सहित विद्यालय परिवार के तमाम सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समापन के अवसर पर विद्यालय के पीटीआई शिक्षक मुकेश राय ने खेल ध्वज को सम्मानपूर्वक नीचे उतारा। इसके साथ ही सीबीएसई क्लस्टर-3 कबड्डी प्रतियोगिता 2026 के सफल समापन की औपचारिक घोषणा की गई। प्रतियोगिता ने न सिर्फ खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया, बल्कि युवाओं में खेल के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को भी बढ़ावा दिया।
