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धनबाद में हार के बाद कांग्रेस का मंथन, बूथ से लेकर जनमुद्दों तक नई रणनीति पर जोर

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संजय चौरसिया /धनबाद

SIR में मतदाताओं की मदद से लेकर छात्र आंदोलन और भू-धंसान प्रभावितों के पुनर्वास तक उठे मुद्दे, ग्रासरूट पर संगठन मजबूत करने का संकल्प

धनबाद। धनबाद लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने अब संगठन की कमियों को चिन्हित कर उसे जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में रविवार को धनबाद सर्किट हाउस में कांग्रेस की धनबाद लोकसभा स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू, एआईसीसी सचिव सह प्रभारी भूपेंद्र मरावी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और धनबाद लोकसभा प्रभारी कुमार जयमंगल सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बैठक में धनबाद लोकसभा क्षेत्र के जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, विधानसभा स्तर के पदाधिकारी और संगठन से जुड़े प्रमुख नेताओं के साथ चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आने वाले समय में संगठन को बूथ और ग्रासरूट स्तर तक मजबूत करने, जनता के बीच पार्टी की सक्रियता बढ़ाने और स्थानीय जनमुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर चर्चा हुई।

हार की समीक्षा, जमीनी पकड़ मजबूत करने पर जोर

बैठक के बाद झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि पार्टी का सबसे पहला लक्ष्य ग्रासरूट स्तर पर संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने और स्थानीय समस्याओं को गंभीरता से उठाने का आह्वान किया।

उन्होंने स्वीकार किया कि धनबाद लोकसभा चुनाव में पार्टी का विभिन्न समुदायों और जनता के कुछ वर्गों के साथ अपेक्षित जुड़ाव नहीं हो पाया। चुनाव परिणाम से मिली सीख के आधार पर अब उन कमियों को दूर करने की दिशा में काम किया जाएगा।

के. राजू ने कहा कि पार्टी केवल चुनाव के समय जनता के बीच जाने के बजाय लगातार लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझेगी और उनके समाधान के लिए आवाज उठाएगी।

SIR को लेकर कांग्रेस ने बनाई रणनीति

बैठक में SIR के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। के. राजू ने कहा कि धनबाद में SIR के तहत कई मतदाताओं को नोटिस मिल रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट यानी BLA, ब्लॉक प्रभारी और जिला प्रभारी संबंधित मतदाताओं की मदद करेंगे।

उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा कराने में सहयोग दिया जाएगा, ताकि किसी भी योग्य मतदाता का नाम प्रभावित न हो।

के. राजू ने बताया कि BLA, ब्लॉक प्रभारी, जिला प्रभारी, विधायक और सांसद प्रत्याशियों सहित पार्टी के सभी संबंधित पदाधिकारियों को संदेश भेजा जाएगा। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में SIR की प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करने को कहा जाएगा।

जनसमस्याओं के समाधान के लिए कैंपेन कमेटी

कांग्रेस ने जनता से जुड़े मुद्दों को चिन्हित कर उन्हें समाधान तक पहुंचाने के लिए कैंपेन कमेटी का गठन किया है। नॉर्थ छोटानागपुर प्रमंडल में इस कमेटी की जिम्मेदारी पूर्व विधायक अंबा प्रसाद को दी गई है।

जिम्मेदारी मिलने के बाद अंबा प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य जनता को यह भरोसा दिलाना है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर अकेले नहीं हैं। पार्टी ग्रासरूट स्तर पर लोगों की समस्याओं को सुनेगी और उनके समाधान के लिए मजबूती से आवाज उठाएगी।

उन्होंने कहा कि धनबाद सहित नॉर्थ छोटानागपुर में विस्थापन एक बड़ी समस्या है। विस्थापितों के अधिकार और पुनर्वास के मुद्दे को कांग्रेस मजबूती से उठाएगी।

छात्र आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस

बैठक में छात्र आंदोलन भी प्रमुख मुद्दा रहा। के. राजू ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने देशभर में छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाया है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कांग्रेस लगातार आवाज उठा रही है।

JPSC और JSSC CGL परीक्षा से जुड़े मामलों पर के. राजू ने कहा कि JPSC परीक्षा को रद्द करने की दिशा में सरकार तैयार है, जबकि JSSC CGL के मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है।

सीबीआई जांच की मांग पर के. राजू ने कहा कि सीबीआई पहले से ही ऐसे करीब 17 मामलों की जांच कर रही है, लेकिन उनके अनुसार अब तक किसी मामले में किसी को जेल नहीं भेजा गया है। ऐसे में उन्होंने सीबीआई जांच की मांग को लेकर सवाल खड़े किए।

अंबा प्रसाद बोलीं—छात्रों की मांगें जायज

अंबा प्रसाद ने छात्र आंदोलन को लेकर कहा कि वह सीधे तौर पर छात्रों के साथ हैं और उनकी मांगें जायज हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेना होगा।

उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को अनदेखा नहीं किया जा सकता और सरकार को उनके मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए।

बैठक के बाद पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी

समीक्षा बैठक के अंतिम चरण में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी भी धनबाद परिसदन पहुंचे। उन्होंने भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने का जिक्र करते हुए कहा कि विस्थापितों के साथ किसी भी तरह का सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने जिला प्रशासन और उपायुक्त से प्रभावित लोगों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर उचित मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग की।

इरफान अंसारी ने कहा कि यदि प्रबंधन करीब 20 किलोमीटर दूर पुनर्वास के लिए जमीन उपलब्ध करा रहा है और प्रभावित लोग वहां जाने को तैयार नहीं हैं, तो उनके आसपास उपलब्ध खाली जमीन पर ही पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए।

भू-धंसान के तकनीकी समाधान की मांग

स्वास्थ्य मंत्री ने BCCL प्रबंधन और उसके CMD से भू-धंसान की समस्या का तकनीकी समाधान निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर प्रभावित इलाकों का उपचार करने की दिशा में काम होना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि विस्थापितों की आवाज को दबाने के लिए किसी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रभावित लोगों के हितों को प्राथमिकता देते हुए पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए।

आंदोलनरत छात्रों के इलाज की जिम्मेदारी सरकार की: इरफान अंसारी

छात्र आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर इरफान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। यदि आंदोलन के दौरान किसी छात्र को मेडिकल इमरजेंसी होती है तो उसे तत्काल रेस्क्यू कर मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आंदोलन के दौरान घायल या बीमार होने वाले किसी भी छात्र के इलाज का आर्थिक बोझ उसके माता-पिता पर नहीं पड़ेगा। इलाज की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी।

छात्रों पर लाठीचार्ज के सवाल पर इरफान अंसारी ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों पर कार्रवाई की बात करने से पहले यह भी सवाल होना चाहिए कि भाजपा के शासनकाल में छात्रों पर गोली चलाने की घटनाएं क्यों हुईं।

धनबाद लोकसभा चुनाव में हार के बाद आयोजित इस समीक्षा बैठक को कांग्रेस की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी अब बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के साथ SIR, छात्र आंदोलन, JPSC-JSSC परीक्षा, विस्थापन, भू-धंसान और स्थानीय जनसमस्याओं को अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाने की तैयारी में है।

हालांकि, कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन फैसलों को कागज और बैठकों से निकालकर जमीन पर लागू करने की होगी। अब देखना होगा कि समीक्षा बैठक में बनी रणनीति के तहत पार्टी कार्यकर्ता कितनी सक्रियता से जनता के बीच पहुंचते हैं और आगामी राजनीतिक मुकाबलों से पहले धनबाद में कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन कितनी हद तक वापस हासिल कर पाती है।

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