UGC इक्विटी कानून के विरोध में धनबाद में स्वर्ण समाज का विरोध मार्च, ‘UGC रोल बैक’ के लगाए नारे
संजय चौरसिया/धनबाद
धनबाद। UGC इक्विटी कानून के विरोध में मंगलवार को धनबाद में स्वर्ण समाज के लोगों ने जोरदार विरोध मार्च निकाला। जिला परिषद मैदान से शुरू हुआ यह मार्च रणधीर वर्मा चौक तक पहुंचा। मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रस्तावित कानून को वापस लेने की मांग की।
विरोध मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘UGC रोल बैक’ लिखे तख्ते थे। प्रदर्शनकारी पैदल मार्च करते हुए रणधीर वर्मा चौक पहुंचे। इस दौरान ‘मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’ समेत कई नारे लगाए गए। मार्च के कारण इलाके में कुछ समय तक राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज रहीं।
राजपूत विचार मंच के नेतृत्व में निकला मार्च
विरोध मार्च का नेतृत्व राजपूत विचार मंच के अध्यक्ष अरुण सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि UGC इक्विटी कानून को लेकर स्वर्ण समाज के लोगों में गंभीर आपत्ति है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कानून के प्रावधानों पर व्यापक स्तर पर चर्चा और पुनर्विचार की जरूरत है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्था समाज में जातिगत आधार पर विभाजन और आपसी मनमुटाव को बढ़ावा दे सकती है। इसी आशंका को लेकर वे कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
‘आरक्षण का विरोध नहीं, आर्थिक आधार पर हो व्यवस्था’
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वर्ण समाज आरक्षण व्यवस्था का विरोध नहीं करता। उनका कहना है कि आरक्षण का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए आर्थिक स्थिति को भी प्रमुख आधार बनाया जाना चाहिए।
उनका तर्क है कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उनकी वास्तविक जरूरत के आधार पर अवसर मिलना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आरक्षण और समान अवसर से जुड़े प्रावधानों पर व्यापक विमर्श करने की मांग की।
जातिगत पहचान से ऊपर उठने की अपील
मार्च में शामिल लोगों ने समाज के लोगों से जातिगत पहचान से ऊपर उठकर एक भारतीय के रूप में देश के विकास में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में सभी वर्गों के बीच समानता, भाईचारा और आपसी सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी कानून को लागू करने से पहले उसके सामाजिक प्रभावों का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए। उनका उद्देश्य सरकार तक अपनी आपत्ति और मांग पहुंचाना है।
निहारिका सिंह ने भी जताई आपत्ति
विरोध मार्च में शामिल निहारिका सिंह ने भी UGC कानून को लेकर अपनी आपत्ति जताई। उन्होंने सरकार से कानून के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की। उनका कहना था कि सामाजिक समरसता और समानता को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए, जिससे किसी भी वर्ग में असंतोष की भावना पैदा न हो।
धनबाद में निकले इस विरोध मार्च के जरिए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से UGC इक्विटी कानून को लेकर पुनर्विचार करने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
