एस.ए. रहमान की सदस्यता मामले में JSCA ओम्बुड्समैन ने लिया संज्ञान, तीन सप्ताह में मांगा जवाब
कन्हैया कुमार/धनबाद
धनबाद। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) में एस.ए. रहमान की सदस्यता से जुड़े मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। श्री रहमान द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर संज्ञान लेते हुए झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के ओम्बुड्समैन एवं सेवानिवृत्त चीफ जस्टिस विजय कुमार बिष्ट ने आदेश पारित कर झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन से तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। ओम्बुड्समैन ने अपने आदेश में रहमान के अभ्यावेदन में उठाए गए विभिन्न बिंदुओं पर एसोसिएशन से अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है, ताकि मामले पर उचित निर्णय लिया जा सके।
बताया गया कि एस.ए. रहमान ने अपनी सदस्यता से संबंधित मामले को लेकर ओम्बुड्समैन के समक्ष अभ्यावेदन दाखिल किया था। अभ्यावेदन में उन्होंने सदस्यता प्रक्रिया तथा इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाते हुए अपना पक्ष रखा। मामले को गंभीरता से लेते हुए ओम्बुड्समैन कार्यालय ने अब झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन से जवाब तलब किया है।
ओम्बुड्समैन के आदेश के बाद क्रिकेट प्रशासन से जुड़े इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं। एसोसिएशन का जवाब मिलने के बाद ओम्बुड्समैन कार्यालय द्वारा मामले के तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार कर आगे का निर्णय लिया जा सकता है।
राज्य क्रिकेट में ओम्बुड्समैन की भूमिका अहम
राज्य क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े विवादों के निपटारे में ओम्बुड्समैन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। एस.ए. रहमान के अनुसार, ओम्बुड्समैन कार्यालय राज्य क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े विवादों पर निर्णय लेने वाली महत्वपूर्ण संस्था है और उसके निर्णय का राज्य एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन पर अनुपालन आवश्यक होता है।
ओम्बुड्समैन द्वारा जवाब मांगे जाने के बाद यह मामला अब औपचारिक जांच और सुनवाई की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय आने तक मामले के विभिन्न पहलुओं पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
‘सत्य की विजय होगी, न्याय जरूर मिलेगा’
मामले को लेकर एस.ए. रहमान ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अंततः सत्य की विजय होगी और उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बात संबंधित मंच के समक्ष तथ्यों के साथ रखी है और अब उन्हें उम्मीद है कि मामले का निष्पक्ष तरीके से निपटारा होगा।
धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए रहमान ने अपनी बात मशहूर शायर अली सरदार जाफ़री की शायरी के माध्यम से रखी। उन्होंने कहा—
“तेग़ मुंसिफ़ हो जहाँ,
दार-ओ-रसन हों शाहिद,
बेगुनाह कौन है उस शहर में
कातिल के सिवा।”
रहमान द्वारा शायरी के माध्यम से की गई यह टिप्पणी धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन की कार्यप्रणाली को लेकर उनके असंतोष को दर्शाती है। हालांकि, इस मामले में वास्तविक स्थिति और आरोपों की पुष्टि ओम्बुड्समैन के समक्ष होने वाली प्रक्रिया तथा संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
तीन सप्ताह में जवाब के बाद बढ़ेगी प्रक्रिया
फिलहाल ओम्बुड्समैन के आदेश के बाद झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन को निर्धारित अवधि में अपना जवाब दाखिल करना है। जवाब में रहमान के अभ्यावेदन में उठाए गए बिंदुओं पर एसोसिएशन का पक्ष सामने आएगा। इसके बाद ओम्बुड्समैन मामले के रिकॉर्ड, अभ्यावेदन और एसोसिएशन के जवाब का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई करेंगे।
इस घटनाक्रम ने झारखंड और विशेषकर धनबाद के क्रिकेट प्रशासन में एक बार फिर सदस्यता एवं एसोसिएशन की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन अपने जवाब में क्या पक्ष रखता है और ओम्बुड्समैन इस मामले में आगे क्या निर्णय लेते हैं।
