आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रोफेसर डॉ. धीरज कुमार को राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ समारोह का न्योता, संस्थान और कोयलांचल के लिए गौरव का क्षण
KRISHAN KANT RAI /DHANBAD
धनबाद: देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के लिए यह अत्यंत गौरव और सम्मान का अवसर है। संस्थान के माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. धीरज कुमार को भारत के राष्ट्रपति द्वारा आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ‘एट होम’ (At Home) स्वागत समारोह में शामिल होने का विशेष निमंत्रण प्राप्त हुआ है। यह सम्मान न केवल प्रोफेसर धीरज कुमार की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, झारखंड और पूरे कोयलांचल क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय माना जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला ‘एट होम’ समारोह देश के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी आयोजनों में से एक है। इस समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चुनिंदा व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाता है। ऐसे में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रोफेसर का चयन होना इस बात का प्रमाण है कि उनके शोध, नवाचार और वैज्ञानिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान
डॉ. धीरज कुमार का चयन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा खनन विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, अनुसंधान कार्यों और देश के विकास में निरंतर सक्रिय भूमिका को देखते हुए किया गया है।
उन्होंने माइनिंग इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण शोध किए हैं, जिनका लाभ न केवल शैक्षणिक जगत बल्कि खनन उद्योग को भी मिला है। सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल खनन तकनीकों के विकास की दिशा में उनका कार्य लगातार सराहा जाता रहा है। उनके शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित हो चुके हैं और वे अनेक शोध परियोजनाओं का सफल नेतृत्व भी कर चुके हैं।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर होगा आयोजन
राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला ‘एट होम’ समारोह स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार शाम छह बजे राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।
समारोह का उद्देश्य उन लोगों का सम्मान करना है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान देकर देश का नाम रोशन किया है। प्रोफेसर धीरज कुमार भी ऐसे चुनिंदा वैज्ञानिकों में शामिल हैं जिन्हें इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है।
क्या होता है ‘एट होम’ समारोह?
‘एट होम’ राष्ट्रपति भवन का एक पारंपरिक और अत्यंत प्रतिष्ठित स्वागत समारोह है। इसका आयोजन मुख्य रूप से स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर किया जाता है।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति देश के विशिष्ट नागरिकों से मुलाकात करते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान का सम्मान करते हैं। समारोह भारतीय संस्कृति, परंपरा और विविधता की झलक प्रस्तुत करता है। अतिथियों के लिए देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी विशेष व्यवस्था की जाती है।
देशभर के विशिष्ट नागरिकों को मिलता है निमंत्रण
राष्ट्रपति भवन के इस प्रतिष्ठित समारोह में आमंत्रण केवल चुनिंदा लोगों को ही भेजा जाता है। इसमें विज्ञान, शिक्षा, साहित्य, कला, खेल, समाज सेवा, चिकित्सा, उद्योग, प्रशासन, रक्षा, संस्कृति तथा अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को शामिल किया जाता है।
इसके अलावा जमीनी स्तर पर समाज के लिए प्रेरणादायक कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता, दिव्यांग अधिकारों के लिए कार्यरत लोग, पद्म पुरस्कार विजेता, शिक्षाविद, वैज्ञानिक और अन्य विशिष्ट नागरिक भी इस समारोह का हिस्सा बनते हैं।
देश की शीर्ष हस्तियां रहती हैं मौजूद
राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ समारोह में देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य, सेना के तीनों अंगों के प्रमुख, न्यायपालिका के वरिष्ठ सदस्य, पद्म पुरस्कार विजेता, विभिन्न राज्यों के गणमान्य नागरिक तथा अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होती हैं।
यही कारण है कि इस समारोह में आमंत्रित होना अपने आप में राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि और सम्मान माना जाता है।
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के लिए बड़ी उपलब्धि
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद देश का अग्रणी तकनीकी संस्थान है, जिसने खनन, भू-विज्ञान, पेट्रोलियम, इंजीनियरिंग तथा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे संस्थान के प्रोफेसर को राष्ट्रपति भवन से निमंत्रण मिलना संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध क्षमता को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाता है।
संस्थान के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी इसे गर्व का विषय बताया है। उनका कहना है कि यह उपलब्धि युवा शोधार्थियों और विद्यार्थियों को उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगी।
झारखंड और कोयलांचल का बढ़ा सम्मान
खनन क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध झारखंड, विशेषकर धनबाद, लंबे समय से देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ऐसे क्षेत्र से जुड़े वैज्ञानिक और शिक्षाविद को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक है।
यह उपलब्धि इस बात का भी संकेत है कि झारखंड के वैज्ञानिक और शिक्षण संस्थान देश के विकास में लगातार महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी प्रोफेसर धीरज कुमार को शुभकामनाएं देते हुए इसे धनबाद की उपलब्धि बताया है।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रोफेसर धीरज कुमार का राष्ट्रपति भवन के प्रतिष्ठित समारोह के लिए चयन युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यह संदेश देता है कि समर्पण, शोध और नवाचार के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उनका योगदान आने वाले समय में भी देश के खनन उद्योग, तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ समारोह में उनकी उपस्थिति न केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान का प्रतीक होगी, बल्कि आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, झारखंड और पूरे देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए भी गर्व और प्रेरणा का विषय बनेगी।
