बरवाअड्डा थाना विवाद में जयराम महतो को फिलहाल राहत नहीं, कोर्ट ने केस डायरी तलब की
कन्हैया कुमार /धनबाद
अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद 10 सितंबर को अगली तारीख, पुलिस ने विधायक समेत अन्य पर सरकारी काम में बाधा और दुर्व्यवहार का लगाया है आरोप
धनबाद: बरवाअड्डा थाना परिसर में हुए विवाद के मामले में डुमरी विधायक एवं जेएलकेएम प्रमुख जयराम महतो को फिलहाल अदालत से राहत नहीं मिली है। सरकारी काम में बाधा डालने, लोक सेवकों के साथ कथित धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोपों से जुड़े मामले में विधायक समेत अन्य आरोपियों की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को धनबाद एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस से केस डायरी तलब की है और अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की है।
22 अगस्त को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामला बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर जयराम महतो समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में विधायक के अलावा सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जितेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, महेंद्र साव, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो और त्रिपुरारी पांडेय समेत अन्य के नाम शामिल हैं। इनके साथ 40-50 अज्ञात समर्थकों को भी आरोपी बनाया गया है।
समर्थक की गिरफ्तारी के बाद थाने पहुंचे थे विधायक
पुलिस के अनुसार, बड़ा पिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के कथित फर्जी हस्ताक्षर, मुहर और पैड से प्रमाण पत्र तैयार करने के मामले में गणेश दास को पुलिस ने हिरासत में लिया था। गणेश दास को हिरासत में लिये जाने की जानकारी मिलने के बाद विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे थे।
पुलिस का आरोप है कि इस दौरान विधायक और उनके समर्थकों ने थाना परिसर में हंगामा किया तथा पुलिस अधिकारियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की। प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया है कि हाजत में बंद गणेश दास को बाहर निकालने के लिए समर्थक आगे बढ़े। उन्हें रोकने के दौरान विवाद बढ़ गया।
थाना प्रभारी के साथ कथित फोन विवाद भी सामने आया
मामले में थाना प्रभारी रवि कुमार ने आरोप लगाया है कि विधायक ने उन्हें फोन कर गणेश दास की गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी जतायी थी। पुलिस के बयान में कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इस बातचीत का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। हालांकि वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
थाना परिसर में दोनों पक्षों के बीच भी हुआ था विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विधायक समर्थकों और मुखिया पक्ष के समर्थकों के बीच भी विवाद की स्थिति बनी थी। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के लोग थाना परिसर में पहुंच गए थे और कहासुनी के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना में मुखिया के पुत्र के घायल होने की सूचना भी सामने आई थी। मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं।
विधायक पक्ष ने आरोपों को बताया साजिश
दूसरी ओर, विधायक जयराम महतो ने पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह अपने समर्थक गणेश दास के संबंध में जानकारी लेने और कथित पुलिस ज्यादती की शिकायत को लेकर थाना पहुंचे थे। विधायक पक्ष की ओर से भी दूसरे पक्ष के लोगों पर मारपीट और अन्य आरोप लगाए गए हैं। पुलिस दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
अब 10 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
मंगलवार की सुनवाई में अदालत ने पुलिस से केस डायरी पेश करने को कहा है। अग्रिम जमानत पर फिलहाल कोई अंतिम राहत नहीं दी गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। अदालत के अगले आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विधायक जयराम महतो और अन्य आरोपियों को अग्रिम जमानत मिलती है या मामले में पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ती है।
