कोयले की राजनीति में उलझा झरिया, विकास की राह अब भी धुंधली
कन्हैया कुमार /धनबाद धनबाद :- धनबाद को यूं ही कोयले की राजधानी नहीं कहा जाता। इस धरती ने देश को कोयला दिया, उद्योगों को ऊर्जा दी और हजारों परिवारों को रोजगार दिया। लेकिन इसी कोयले ने धनबाद, खासकर झरिया को संघर्ष, विस्थापन, प्रदूषण और राजनीति की ऐसी विरासत भी दी, जिसका असर आज तक दिखाई…
