शादी का ऑफर या ‘ठगी पैकेज’? पहले रिश्ता, फिर रुपये… और आखिर में मोबाइल-जेवर गायब!
कन्हैया कुमार/धनबाद
धनबाद। शादी का रिश्ता तय करना हो तो आमतौर पर कुंडली मिलती है, परिवार मिलते हैं और फिर मिठाई बांटी जाती है। लेकिन बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में पुलिस के अनुसार शादी का एक ऐसा कथित ‘पैकेज’ सामने आया, जिसमें पहले मोबाइल पर रिश्ता आया, फिर शादी के नाम पर रुपये गए और अंत में पार्टी के बहाने मोबाइल-जेवर भी चले गए। फर्क सिर्फ इतना रहा कि इस बार कहानी का अंत बारात से नहीं, बल्कि पुलिस की गिरफ्तारी से हुआ।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन के अलावा साड़ी, लहंगा, जींस-पैंट, अंगवस्त्र, चूड़ी और विवाह से जुड़ा अन्य सामान बरामद किया गया है।
मोबाइल पर आया रिश्ता, शुरू हुई ‘शादी की तैयारी’
पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर को सपना नामक महिला ने वादी से मोबाइल पर संपर्क किया और अपनी कथित भतीजी पूजा से शादी का प्रस्ताव रखा। रिश्ता पसंद आया तो बात आगे बढ़ी। बताया गया कि पूजा के परिजन राजस्थान से आएंगे और 7 सितंबर को बरवाअड्डा पहुंचेंगे।
अब शादी थी तो तैयारियां भी जरूरी थीं। कपड़े खरीदे गए और करीब 30 हजार रुपये खर्च हुए। जाहिर है, शादी का मामला था, खर्च तो होना ही था। लेकिन कहानी में असली ‘सरप्राइज’ अभी बाकी था।
दूल्हा बनने से पहले जेब ढीली करने की मांग
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद शादी के एवज में एक लाख रुपये की मांग रखी गई। वादी ने कथित तौर पर 40 हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान भी कर दिए।
यानी रिश्ता आगे बढ़ रहा था और साथ-साथ भुगतान भी। शादी के मंडप तक पहुंचने से पहले ही लेन-देन का दौर इतना आगे बढ़ गया कि मामला रिश्ते से ज्यादा ‘पेमेंट प्लान’ जैसा नजर आने लगा।
राजस्थान से आया युवक और कहानी में नया ट्विस्ट
इसके बाद कथित तौर पर बताया गया कि पूजा की शादी राजस्थान से आए इकबाल नामक युवक से सादे तरीके से कराई जाएगी। यहां वादी को शायद लगा कि कहानी कुछ ज्यादा ही तेजी से बदल रही है और उसने आपत्ति जताई।
इसके बाद शादी की स्क्रिप्ट में एक और मोड़ आया।
‘पार्टी’ के बहाने सफर और फिर कथित लूट
पुलिस के अनुसार, सपना और अन्य आरोपियों ने पार्टी देने के नाम पर वादी और उसके परिजनों को वाहन में बैठाया और रास्ते में ले गए। आरोप है कि वहां उन्हें धमकाया गया और 10 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन तथा महिलाओं के जेवर छीन लिए गए।
यानी शादी की पार्टी ऐसी रही कि मेहमानों के हाथ में मिठाई का डिब्बा नहीं, बल्कि पुलिस को शिकायत देने का मौका रह गया।
वादी की शिकायत के बाद बरवाअड्डा थाना में कांड संख्या 157/2026 दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस की एंट्री ने बदल दी पूरी कहानी
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने एक-एक कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 13 मोबाइल और शादी से संबंधित कई सामान बरामद किए।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने मोबाइल आखिर किस-किस ‘शादी समारोह’ की यादगार हैं और बरामद सामान की पूरी कहानी क्या है? इसका जवाब जांच और पूछताछ के बाद ही सामने आएगा।
‘शादी डॉट कॉम’ से ‘केस डॉट कॉम’ तक!
पूरे घटनाक्रम को अगर पुलिस के आरोपों के आधार पर एक लाइन में समझें तो कहानी कुछ यूं बनती है—
मोबाइल पर रिश्ता → शादी का सपना → कपड़ों की खरीदारी → रुपये की मांग → ऑनलाइन पेमेंट → नया दूल्हा → पार्टी का न्योता → कथित लूट → थाना → 10 गिरफ्तारियां।
शादी के नाम पर शुरू हुई यह कथित कहानी अब बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 157/2026 की फाइल में पहुंच चुकी है।
10 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इनके आपसी संबंधों और भूमिका की जांच कर रही है। मोबाइल फोन और ऑनलाइन लेन-देन की जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क था और कथित तौर पर रकम का लेन-देन कैसे हुआ।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इसी तरह के तरीके से पहले भी किसी अन्य व्यक्ति को शादी का झांसा देकर ठगी या लूट तो नहीं की गई।
फिलहाल शादी का कार्ड छपने से पहले ही पुलिस ने गिरफ्तारी का वारंट नहीं, बल्कि आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर जरूर सुना दी है। अब आगे की जांच बताएगी कि इस कथित ‘शादी पैकेज’ में कितने किरदार थे और कितनी पुरानी थी इसकी पटकथा।
