अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों में अनिमितता का आरोप, गुणवत्ता और खर्च का विवरण सार्वजनिक करने की मांग
साहिबगंज। साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण यादव ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने स्टेशन परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों में कथित अनियमितता और सरकारी राशि के संभावित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
राजद जिलाध्यक्ष ने कहा कि साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कई विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य किए जा रहे हैं। लेकिन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार, धरातल पर दिखाई दे रहे कार्य और योजना के तहत खर्च की जा रही राशि के बीच पारदर्शिता को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
निर्माण सामग्री और गुणवत्ता की जांच की मांग
सत्यनारायण यादव ने संबंधित विभाग और रेलवे अधिकारियों से मांग की है कि स्टेशन परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने योजना के तहत स्वीकृत राशि, कार्य की लागत और अब तक किए गए वास्तविक खर्च का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी योजना में जनता के पैसे का इस्तेमाल होता है। ऐसे में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और खर्च को लेकर पारदर्शिता बनाए रखना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
‘अनियमितता मिलने पर हो कार्रवाई’
राजद जिलाध्यक्ष ने कहा कि रेलवे देश की महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थाओं में से एक है और रेलवे स्टेशन के विकास से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि जांच के दौरान निर्माण कार्य में किसी तरह की गड़बड़ी, घटिया सामग्री के इस्तेमाल या सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए और संबंधित एजेंसियों को कार्य की गुणवत्ता के प्रति जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
रेलवे के पक्ष से स्थिति होगी स्पष्ट
इधर, राजद जिलाध्यक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। निर्माण कार्य से संबंधित रेलवे विभाग अथवा संबंधित निर्माण एजेंसी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। रेलवे या निर्माण एजेंसी का पक्ष सामने आने के बाद ही लगाए गए आरोपों और निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों को लेकर राजद जिलाध्यक्ष द्वारा जांच की मांग किए जाने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। अब निगाहें रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी पर टिकी हैं।
