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‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के बाद ग्रामीणों को मिला आश्वासन, पीएम जनमन योजना से बनेगी सड़क

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साहिबगंजबोरियो प्रखंड क्षेत्र के पोआल गांव में लंबे समय से बदहाल सड़क और आवागमन की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब प्रशासन तक पहुंच गया है। बारिश के मौसम में कीचड़ और फिसलन के कारण ग्रामीणों को होने वाली परेशानी तथा सड़क निर्माण में लगातार हो रही देरी के विरोध में ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई थी। ग्रामीणों की ओर से कीचड़युक्त पगडंडी पर धान की खेती करने के अल्टीमेटम के बाद आखिरकार जिला एवं प्रखंड प्रशासन की संयुक्त टीम ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईंद, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता देवीलाल हांसदा, बोरियो बीडीओ नागेश्वर साव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पोआल गांव के डिगरा टोला, मांझी टोला सहित विभिन्न टोलों और मोहल्लों का दौरा किया। टीम ने मौके पर सड़क की वास्तविक स्थिति देखी और ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।

वर्षों से सड़क निर्माण का इंतजार

ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि गांव में लंबे समय से सड़क की स्थिति जर्जर बनी हुई है। बारिश के दिनों में कच्ची सड़क और पगडंडी पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है। ऐसे में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को होती है।

ग्रामीणों का कहना था कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। वर्षों से आश्वासन मिलने के बावजूद सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई।

विधानसभा चुनाव में भी किया था वोट बहिष्कार का ऐलान

सड़क की बदहाली को लेकर पोआल गांव के ग्रामीणों का आक्रोश नया नहीं है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी ग्रामीणों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा देते हुए मतदान बहिष्कार का ऐलान किया था। ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन की ओर से उन्हें समझाने का प्रयास किया गया था।

उस समय बीडीओ नागेश्वर साव ने जेसीबी की मदद से सड़क को तत्काल दुरुस्त कराने की कोशिश की थी। साथ ही ग्रामीणों को जल्द पक्की सड़क निर्माण कराने का भरोसा दिया गया था। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। हालांकि इसके बाद भी सड़क निर्माण की समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो सकी।

एक माह के भीतर शुरू होगा सड़क निर्माण

गांव के निरीक्षण के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईंद ने ग्रामीणों और मुखिया को सड़क निर्माण को लेकर स्पष्ट आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि एक माह के भीतर मांझी टोला और स्वास्थ्य केंद्र तक जाने वाली कच्ची सड़क का निर्माण पीएम जनमन योजना के तहत शुरू कराया जाएगा।

एसडीओ ने मौके पर सड़क की स्थिति का जायजा लेने के बाद स्वीकार किया कि सड़क की हालत काफी खराब है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए जाएंगे।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराकर ग्रामीणों की आवागमन संबंधी समस्या का स्थायी समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

अब आश्वासन पर टिकी ग्रामीणों की नजर

प्रशासनिक अधिकारियों के गांव पहुंचने और सड़क निर्माण को लेकर समय-सीमा दिए जाने के बाद ग्रामीणों में एक बार फिर उम्मीद जगी है। लंबे समय से सड़क की समस्या झेल रहे ग्रामीण अब प्रशासन के एक माह के आश्वासन को धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण का काम शुरू होते हुए देखना है। यदि तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू होता है तो इससे पोआल गांव के विभिन्न टोलों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।

फिलहाल प्रशासन के निरीक्षण और सड़क निर्माण शुरू कराने के आश्वासन के बाद पोआल गांव की जर्जर सड़क का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों को मिला एक माह का आश्वासन कब तक जमीन पर दिखाई देता है।

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