शिक्षक दिवस पर 51 शिक्षकों का सम्मान, सेवा एवं समर्पण संस्था ने जताया कृतज्ञता भाव
संजय चौरसिया/धनबाद
धनबाद। शिक्षक दिवस के अवसर पर सेवा एवं समर्पण संस्था की ओर से सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में धनबाद के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 51 शिक्षकों को शिक्षा और समाज के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आभार व्यक्त करते हुए उनके योगदान को नमन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुंभनाथ सिंह और उदय प्रताप सिंह सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के साथ समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और समाज निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित किया।
शिक्षक ज्ञान का दीप जलाकर अज्ञानता दूर करते हैं : कुंभनाथ सिंह
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कुंभनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय परंपरा में शिक्षक का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण और माता-पिता से भी ऊपर माना गया है। शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान का दीप जलाकर उनके भीतर से अज्ञानता और अंधकार को दूर करने का काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु का स्थान सर्वोपरि है। जीवन में व्यक्ति कितना भी आगे बढ़ जाए, लेकिन उसके व्यक्तित्व और सफलता के पीछे किसी न किसी शिक्षक का मार्गदर्शन जरूर होता है। शिक्षक केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन में सही और गलत के बीच अंतर समझने तथा बेहतर नागरिक बनने की दिशा भी दिखाते हैं।
कुंभनाथ सिंह ने कहा कि समाज को शिक्षकों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद निरंतर मिलता रहे, यही कामना है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज और प्रत्येक व्यक्ति का परम कर्तव्य है।
सेवा एवं समर्पण संस्था की पहल की सराहना
कुंभनाथ सिंह ने शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए सेवा एवं समर्पण संस्था की काजल झा सहित पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सम्मान के लिए इस तरह का आयोजन नई पीढ़ी में गुरुजनों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की नींव होती है और इस नींव को मजबूत करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करना उनके प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है।
दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को दी श्रद्धांजलि
समारोह के दौरान झारखंड के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को भी श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
इस मौके पर समारोह में मौजूद लोगों ने शिक्षा, समाज सेवा और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार साझा किए।
51 शिक्षकों का सम्मान
सेवा एवं समर्पण संस्था की ओर से शिक्षक दिवस पर धनबाद के 51 शिक्षकों को सम्मानित किया जाना कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। शिक्षकों को सम्मानित कर संस्था ने उनके द्वारा विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण और समाज में शिक्षा के प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यों के प्रति आभार जताया।
सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में भी कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखा गया। संस्था की इस पहल को शिक्षकों के प्रति सम्मान की सकारात्मक मिसाल बताते हुए इसकी सराहना की गई।
टीम के सदस्यों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में सेवा एवं समर्पण टीम की रेखा, छवि, मृदुला, पूजा, सुरभि, कृष्णा और काजल झा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम के सदस्यों ने आयोजन की तैयारियों से लेकर कार्यक्रम के संचालन तक सक्रिय योगदान दिया।
समारोह के अंत में शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और सफल जीवन की कामना की गई। संस्था की ओर से कहा गया कि समाज में शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान की भावना को मजबूत करने के लिए इस तरह के सामाजिक कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे।
