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साइबर अपराध से बचाव को लेकर डीएवी कोयला नगर के 350 विद्यार्थियों को किया जागरूक

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संजय चौरसिया /धनबाद
धनबाद। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को डीएवी कोयला नगर, धनबाद में साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराध विषय पर जागरूकता सह काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डीएसपी मुख्यालय, धनबाद की ओर से किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 11वीं के करीब 350 विद्यार्थियों ने दो सत्रों में भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रधानाचार्या डोलन चम्पा बैनर्जी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल दौर में मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल स्वयं मोबाइल और सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाना भी जरूरी है।

प्रधानाचार्या ने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया पर निजी और संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपना पता, मोबाइल नंबर, स्कूल की दिनचर्या, पासवर्ड, बैंकिंग संबंधी जानकारी या अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्राइवेसी सेटिंग्स का ध्यान रखने और अनजान लोगों से ऑनलाइन बातचीत करते समय सावधानी बरतने की भी सलाह दी। साथ ही उन्होंने युवाओं से देश के भविष्य के निर्माण में जिम्मेदार भूमिका निभाने का आह्वान किया।

फिशिंग, ओटीपी और फर्जी लिंक से सावधान रहने की सलाह

सत्र के दौरान डीएसपी मुख्यालय-1, धनबाद विनोद कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, फर्जी लिंक, ओटीपी के जरिए होने वाली ठगी सहित कई साइबर अपराधों के बारे में विद्यार्थियों को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया।

उन्होंने विद्यार्थियों को विशेष रूप से आगाह करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल या अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर अपराधी अक्सर लोगों को फोन कॉल, मैसेज, ई-मेल या सोशल मीडिया के माध्यम से झांसा देकर उनकी निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।

उन्होंने कहा कि अनजान नंबर से आने वाले संदिग्ध कॉल, मैसेज और लिंक पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके स्रोत की जांच करनी चाहिए। इसी तरह सोशल मीडिया पर मिलने वाले संदिग्ध ऑफर, इनाम, नौकरी, लॉटरी या अन्य लालच भरे संदेशों से भी सावधान रहने की जरूरत है।

साइबर बुलिंग को लेकर भी किया जागरूक

डीएसपी ने विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी व्यक्ति को परेशान करना, अपमानित करना, धमकी देना या उसकी निजी तस्वीरों और सूचनाओं का गलत इस्तेमाल करना गंभीर मामला हो सकता है। विद्यार्थियों को ऐसी किसी भी घटना को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को इसकी जानकारी देने की सलाह दी गई।

उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करने और अपनी निजी तस्वीरों व व्यक्तिगत जानकारियों को अनावश्यक रूप से सार्वजनिक नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया में की गई छोटी सी लापरवाही भी आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।

साइबर अपराध का शिकार होने पर घबराएं नहीं

सत्र के दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि यदि कोई साइबर अपराध का शिकार हो जाए तो उसे घबराने या घटना को छिपाने के बजाय तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए। समय पर सूचना मिलने से साइबर अपराध के बाद होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना, उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाना रहा। विद्यार्थियों को बताया गया कि तकनीक का इस्तेमाल ज्ञान और विकास के लिए करें, लेकिन ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता को हमेशा प्राथमिकता दें।

विद्यार्थियों ने पूछे साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़े कई सवाल पूछे। डीएसपी मुख्यालय की ओर से विद्यार्थियों के सवालों का सरल और व्यावहारिक तरीके से जवाब दिया गया तथा उन्हें वास्तविक जीवन में साइबर अपराध से बचने के उपाय बताए गए।

कार्यक्रम का मंच संचालन विद्यालय के शिक्षक पवन कुमार तिवारी ने किया। मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्या, वरीय शिक्षक एवं अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही और उन्होंने साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को गंभीरता से समझा।

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