धनबाद में प्रिंस खान के गुर्गों से पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधियों के पैर में लगी गोली
KANHAIYA KUMAR/DHANBAD
धनबाद। जिले में कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के कथित नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है।धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में पुलिस और प्रिंस खान के कथित गुर्गों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान दो अपराधियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद दोनों घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को अपने कब्जे में लेकर इलाज के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) भेजा। घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है।
मुठभेड़ की यह घटना बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के कृषि बाजार समिति के पीछे की बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर सघन छानबीन शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गाड़ी पर भी गोली लगने की सूचना है। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की बात कही जा रही है।
बाइक से लेवी वसूली के लिए जाने की सूचना
पुलिस के अनुसार, घायल दोनों आरोपियों की पहचान इरफान अंसारी और नन्हें अंसारी के रूप में हुई है। दोनों कथित तौर पर बाइक संख्या जेएच 10 डीके 7487 पर सवार होकर किसी व्यक्ति से लेवी वसूलने के लिए जा रहे थे।
पुलिस को दोनों की गतिविधियों के संबंध में पहले से सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। जब पुलिस ने दोनों को रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।
जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। गोली लगने के बाद दोनों घायल होकर मौके पर गिर पड़े। पुलिस टीम ने तत्काल दोनों को कब्जे में लिया और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एसएनएमएमसीएच भेज दिया।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। पुलिस की टीम ने मौके से संभावित साक्ष्य जुटाए और आसपास के इलाके में भी तलाशी अभियान चलाया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के पास हथियार थे या नहीं और मुठभेड़ के दौरान कितनी गोलियां चलीं।
गोपी खान से फोन पर बातचीत की जानकारी
पुलिस जांच में इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर प्रिंस खान के भाई गोपी खान से फोन पर बातचीत कर रहे थे।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इरफान अंसारी और नन्हें अंसारी की गोपी खान से किस संबंध में बातचीत हो रही थी। बातचीत का उद्देश्य क्या था और दोनों को किस व्यक्ति या कारोबारी से लेवी वसूलने के लिए भेजा गया था, इसकी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि दोनों किन-किन लोगों के संपर्क में थे और मुठभेड़ से पहले उन्होंने किससे बातचीत की थी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित लेवी वसूली की योजना में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।
एसएसपी ने बताया—लेवी वसूली के लिए जा रहे थे दोनों
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी कथित तौर पर लेवी वसूलने के लिए जा रहे थे। हालांकि, वे किस व्यक्ति से लेवी लेने वाले थे, इसकी जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।
एसएसपी के अनुसार, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस की प्राथमिकता यह पता लगाना है कि आरोपियों का आपराधिक नेटवर्क कितना बड़ा है और लेवी वसूली के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपी पहले से किसी आपराधिक मामले में शामिल रहे हैं या नहीं। उनके आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। साथ ही उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच की जा सकती है, जिससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिल सकती है।
घटनास्थल पर पुलिस की सघन छानबीन
मुठभेड़ के बाद कृषि बाजार समिति के पीछे के इलाके में पुलिस ने सघन छानबीन शुरू कर दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास की जगहों की जांच की और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की।
पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि दोनों आरोपी किस रास्ते से घटनास्थल तक पहुंचे थे और उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी था या नहीं। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा हो सकती है।
पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी है कि कथित लेवी वसूली के लिए किस व्यक्ति या कारोबारी को निशाना बनाया गया था। पुलिस संभावित पीड़ित की पहचान करने के साथ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसे पहले से धमकी या फोन कॉल किया गया था।
प्रिंस खान नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई
धनबाद में प्रिंस खान के नाम पर लेवी वसूली और धमकी से जुड़े मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। पुलिस लंबे समय से ऐसे मामलों में शामिल कथित अपराधियों और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई करती रही है।
ताजा मुठभेड़ को भी इसी कार्रवाई की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस की ओर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि लेवी वसूली, धमकी और रंगदारी के नेटवर्क में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
मुठभेड़ में दो कथित गुर्गों के घायल होने के बाद पुलिस को उनके नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि दोनों आरोपी किसके निर्देश पर काम कर रहे थे और उनके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।
मोबाइल और संपर्कों की जांच से खुल सकते हैं कई राज
पुलिस के लिए इस मामले में दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन अहम सबूत साबित हो सकते हैं। मोबाइल फोन में मौजूद कॉल रिकॉर्ड, संपर्क और अन्य डिजिटल जानकारी के आधार पर पुलिस कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
विशेष रूप से गोपी खान से बातचीत की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है। यदि बातचीत और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों के नेटवर्क की पुष्टि होती है, तो पुलिस आगे कई लोगों से पूछताछ कर सकती है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित लेवी वसूली के लिए किस कारोबारी या व्यक्ति को निशाना बनाया गया था और क्या इसके पीछे पहले से कोई योजना बनाई गई थी।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
मुठभेड़ की घटना के बाद बरवाअड्डा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं। संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस का प्रयास है कि मुठभेड़ के बाद कथित अपराधी नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भी चिन्हित किया जाए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया है।
फिलहाल घायल इरफान अंसारी और नन्हें अंसारी का इलाज एसएनएमएमसीएच में कराया जा रहा है। पुलिस उनके स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार आगे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू करेगी। साथ ही उनके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और आपराधिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचना
मुठभेड़ में दो आरोपियों के घायल होने के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचना है। पुलिस यह जानना चाहती है कि लेवी वसूली के लिए दोनों को किसने निर्देश दिया था, किस व्यक्ति को निशाना बनाया गया था और इस पूरी गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
अगर मोबाइल और तकनीकी जांच से महत्वपूर्ण सुराग मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और तेज हो सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले में हर पहलू की जांच कर रही है।
