| | | | | | |

झामुमो महानगर अध्यक्ष मंटु चौहान के खिलाफ जांच का आदेश, अंचल कार्यालय को लेकर गंभीर आरोप

Spread the love

KANHAIYA KUMAR/DHANBAD

धनबाद। झामुमो महानगर अध्यक्ष मंटु चौहान के खिलाफ धनबाद अंचल कार्यालय से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच का आदेश जारी किया गया है। मामले में सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) ने जांच के निर्देश देते हुए इसकी जिम्मेदारी अंचलाधिकारी को सौंपी है। आरोप है कि मंटु चौहान पर धनबाद में आतंक और दहशत फैलाने तथा अंचल कार्यालय की गतिविधियों में कथित रूप से हस्तक्षेप करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, बरमसिया निवासी मोहन कुमार मंडल ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मंटु चौहान के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र में आरोप लगाया गया है कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर अंचल कार्यालय में कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

दाखिल-खारिज और एलपीसी के नाम पर वसूली का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज कराने तथा एलपीसी (Land Possession Certificate) बनवाने के लिए लोगों से कथित तौर पर मोटी रकम की वसूली की जा रही है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इस पूरे मामले में एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो आम लोगों को प्रभावित करता है और अंचल कार्यालय से जुड़े कार्यों को कराने में कथित रूप से हस्तक्षेप करता है।

शिकायत में जैकी और विवेक नामक व्यक्तियों का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि ये लोग आम लोगों को पकड़कर कथित रूप से जबरन काम करवाते हैं। काम नहीं करने पर संबंधित अंचलाधिकारी के तबादले की धमकी दिए जाने का भी आरोप शिकायत में लगाया गया है।

पैसे नहीं देने पर धमकी देने का भी आरोप

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि यदि कथित रूप से मांगी गई रकम नहीं दी जाती है, तो संबंधित लोगों को आपराधिक प्रवृत्ति वाले सहयोगियों के माध्यम से धमकी दी जाती है। पत्र में आशंका जताई गई है कि यदि समय रहते मामले की जांच नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना भी हो सकती है।

इन गंभीर आरोपों को देखते हुए मामले की जांच के लिए एसडीएम की ओर से आदेश जारी किया गया है। अब अंचलाधिकारी को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की जिम्मेदारी दी गई है।

मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए दावों पर आधारित हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और कथित गतिविधियों में किन लोगों की भूमिका रही है। प्रशासनिक स्तर पर जांच के आदेश के बाद अब इस मामले पर राजनीतिक एवं प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *